रातों-रात नहीं बढ़ा सकते हैं वैक्सिंग का उत्पाद विपक्ष के हमले पर सरकार ने किया पलटवार। 

वैक्सीन की गतिविधियों में तेजी लाने के लिए लगातार विपक्ष सरकार को घेरने हुए नजर आ रही है भारत की कुल 130 दिनों में अब तक बस 20 करोड लोगों को ही वैक्सीन दिया गया है जब विपक्ष ने इस बात को उठाया तो सरकार ने कहां की रातों-रात नहीं बढ़ाया जा सकता है उत्पादन। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय निर्माताओं के साथ नियमित रूप से बातचीत वैक्सिंग को लेकर कर रहे हैं।

सरकार ने यह भी कहा कि जैविक उत्पाद होने के कारण वैक्सीन को तैयार करने और उसके गुणवत्ता की जांच करने में काफी समय लग जाता है।

मंत्रालय ने कहा कि भारत सरकार कोरोना वायरस के लिए वैक्सीनेशन स्वास्थ्य विशेषज्ञ समूह के माध्यम से देश में वैक्सीन उपलब्ध कराने के लिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय रूप से कोशिश कर रही है और यह कोशिश लगातार जारी है सरकार फाइजर, मॉडर्ना जैसे निर्माताओं से लगातार संपर्क में है।

मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि हम वैक्सीन का उत्पादन बढ़ाने के लिए लगातार पूरी कोशिश कर रहे हैं भारत में अब तक केवल 130 दिनों में 20 करोड लोगों का ही वैक्सीनेशन हुआ है और हम वैक्सीनेशन में पूरे वर्ल्ड में दूसरे स्थान पर है।

यहां चर्चा करें वैक्सीन की कमी को लेकर विपक्ष लगातार सरकार पर हमला कर रहा है और कांग्रेस लगभग रोज मोदी सरकार पर लापरवाही बरतने के लिए और लोगों के जान से खिलवाड़ करने के लिए सरकार को जिम्मेदार ठहरा रही है।

शुक्रवार को राहुल गांधी ने यह बयान दिया कि मैंने तो पिछले साल ही कहा था कि को रोना कुछ समय और जगह देने की भूल सरकार को नहीं करनी चाहिए को रोना को रोकने के लिए उन्होंने तीन चार तरीके बताए थे लेकिन सरकार ने उनकी बातों पर ध्यान नहीं दिया। उन्होंने यह बताया था कि इसका एक हथियार वैक्सीनेशन है दूसरा लॉकडाउन तीसरा सोशल डिस्टेंसिंग और चौथा सभी लोग मास्क पहने।

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